लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Sunday, 5 April 2015

हमने छोड़ा ये जहाँ तेरे इश्क की खातिर



१.

हमने छोड़ा ये जहां , तेरे इश्क़ की खातिर 

मैं चाहता हूँ , मेरा इश्क़ बदनाम न हो 


२.



उसकी बेवफाई ने बहुत ज़ख्म दिए हैं मुझको 

मेरी नासमझी थी , मैं उसे  मुहब्बत का खुदा समझ बैठा 

3.

जाम पर जाम पिए जा रहा है वो 

उसे अपनी मुहब्बत पर शायद एतबार नहीं 


4.

उसकी बेवफाई ने उसे , उसका दीवाना कर दिया 

ऐसी मुहब्बत मेरे खुदा, नसीब हो मुझको 



5.

ग़ज़ल है तू, ,  शायरी जुल्फें तेरी 

दो पल तेरे पहलू में गुजारें हम,  तो जन्नत नसीब हो हमको  





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