लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) से हैं और अभी डेराबस्सी (पंजाब) में रह रहे हैं |

Tuesday, 16 September 2014

मेरा दिल नादान है क्यों

मेरा दिल नादान है क्यों

मेरा दिल नादान है क्यों
बेवजह बदनाम है क्यों

चाहता क्या ये बताऊँ कैसे
बेवजह ये अंजाम है क्यों

मेरा दिल नादान है क्यों

अफसाना प्यार का इसकी चाहत
प्यार से फिर अनजान है क्यों

अजीब सी कशमकश में हूँ मैं
उसकी अदाओं से अनजान है क्यों

मेरा दिल नादान है क्यों

आईने में देखा है खुद को
फिर भी परेशान है क्यों

आगाज़े मुहब्बत सिखाओ इसको
उसकी नजाकत से अनजान है क्यों

मेरा दिल नादान है क्यों

क्यों नहीं एहसास हैं इस दिल में
अरमान इसके नादान  हैं क्यों

एहसासों से परे दुनिया इसकी
फिर भी यूं ही ये बदनाम है क्यों

मेरा दिल नादान है क्यों
मेरा दिल नादान है क्यों


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