लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Monday, 24 May 2021

जय गोविंदा जय गोपाला - भजन

 जय गोविंदा जय गोपाला 


जय गोविंदा जय गोपाला 

कृष्ण मुरारी बांसुरी वाला 


कृपा करो हे कृपा करो हे 

कृपा करो हे दीनदयाला 


हे गिरधर हे वंशीधर 

हे दीनों  के पालनहारा 


पीर हरो प्रभु, पीर हरो प्रभु 

कष्ट हरो प्रभु दीनदयाला 


तुझ पर हम बलि - बलि जाएँ 

पावन कर दो जग उजियारा 


चिंतन द्वार करो प्रभु रोशन 

आध्यात्म से हो जीवन में उजाला 


प्रेममय मूर्ति हो जाए जीवन 

राधा संग कान्हा ब्रजवाला 


जीवन मरण प्रभु तेरी धरोहर 

मुक्त करो हे दीनदयाला 





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