लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Monday, 18 October 2021

प्रभु से कर ले प्रीत - दोहे

 प्रभु से कर ले प्रीत

१.

प्रभु से कर ले प्रीत , प्रभु को कर ले मीत I
प्रभु ही पार करेंगे नैया, ये है उत्तम रीत II

२.

कर भला तो हो भला , क्यूं कर सोचे कोई I
भला करके तू भूल जा, उत्तम गति होई II

3.

कासे दिल की पीर कहूँ , कोई न साँचो मीत I
जो प्रभु चित धारयो , उनसो न कोई मीत II

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