लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Tuesday, 16 February 2021

हर एक साँस है डरी - डरी

 

हर एक साँस है डरी  - डरी

 

हर एक सांस है डरी  - डरी

हर एक चेहरा है बुझा – बुझा

सिसक रही है आत्मा

रूठा हुआ है परमात्मा

 

कभी तूफ़ान का है सामना

कभी डरा रहा है कोरोना

भूकंप से रिश्ता हुआ पक्का

बाढ़ से भी हो रहा है सामना

 

कैंसर हो गया कॉमन

हार्ट अटैक भी डरा रहा

जीने का सिला न रहा

हर शख्स भागता दिख रहा

 

इंसानियत है दम तोड़ती

कोई किसी का न रहा

हर एक सांस है डरी  - डरी

हर एक चेहरा है बुझा – बुझा

 

 

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