लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Saturday, 29 August 2020

एक मुकम्मल वतन का ख़्वाब

 एक मुकम्मल वतन का ख़्वाब 


एक मुकम्मल वतन का ख़्वाब लिए जी रहा हूँ मैं 

दिल पर पड़ते घावों को सी रहा हूँ मैं 


क्यूं कर की लोगों ने इस वतन से गद्दारी 

जयचंदों की भीड़ में एक भगत सिंह को ढूंढ रहा हूँ मैं 


देश को नोच  - नोच कर खा लेने को बेताब हैं कुर्सी के चाहने वाले 

राजनीति के गलियारे में एक अदद गाँधी की तलाश कर रहा हूँ मैं 


समाज सेवा को कमाई का गोरख धंधा समझने वालों 

तुम्हारी भीड़ में एक अदद मदर टेरेसा की तलाश में भटक रहा हूँ मैं 


शिक्षा को व्यवसायिक पेशे की उपाधि देने वालों 

राधाकृष्णन सा एक हीरा शिक्षा के बाज़ार में खोज रहा हूँ मैं 


भटकती युवा पीढ़ी पर पड़ रहा आधुनिकता का प्रभाव 

एक अदद विवेकानंद की तलाश में भटक रहा हूँ मैं 


भुला दिए हैं जिन्होंने अपनी संस्कृति और संस्कार 

उस खुदा के आदिल श्रवण की खोज में भटक रहा हूँ मैं 


पीर दिल की नासूर बन  कर सता रही है मुझे 

उस खुदा के एक अदद बन्दे की तलाश में दर  - दर भटक रहा हूँ मैं 




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