लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Sunday, 28 June 2020

तेरे चरणों का लिए सहारा


तेरे चरणों का लिए सहारा

तेरे चरणों का लिये सहारा
जीवन पथ पर बढ़ जाऊं मैं

पार लगाना नैया मेरी
भक्ति राह पर बढ़ जाऊं मैं

पावन करना कर्म सभी तुम
शुद्ध चित्त बलि जाऊं मैं

पीड़ा हरना प्रभु तुम मेरी
चरण कमल पर बलि जाऊं मैं

तुझ पर प्रभु अधिकार हो मेरा
विश्वास राह पर बढ़ जाऊं मैं

तुझको पाना अभिलाषा मेरी
भक्ति राह पर बलि जाऊं मैं

पावनता की सीमा न हो
प्रभु चरणों पर बलि जाऊं मैं

तुझसे सभी आशाएं मेरी
मुक्ति राह पर बलि जाऊं मैं

तुमने मुझ पर किया भरोसा 
भक्ति मार्ग पर बढ़ जाऊं मैं

जीवन चक्र से मुक्ति दिला दो
मोक्ष राह पर बढ़ जाऊं मैं



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