लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Tuesday, 19 March 2019

हिंदी है राजभाषा


हिंदी है राजभाषा

हिंदी है राजभाषा
हिंदी को धर्म कर लो

हिंदी के साथ जी लो
हिंदी के साथ मर लो

हिंदी के उत्थान को
शिरोधार्य कर लो

कुछ और काव्य रच दो
कुछ और पूरण रच दो

हिंदी को अपने देश का
ईमान कर दो

हिंदी को कर्म कर लो
हिंदी पर खुद को वर दो

हिंदी राजभाषा की खातिर
खुद को निसार कर दो

हिंदी से “जीता भारत”
हिंदी को जीवन का मर्म कर लो

हिंदी के विस्तार से
स्वयं का विस्तार कर लो

हिंदी के साथ जी लो
हिंदी के साथ मर लो

हिंदी के उत्थान के लिए
विश्व धरा को मंच कर लो

कुछ गीत रच दो
कुछ और महाकाव्य रच दो

हिंदी से होता रोशन
हिन्दोस्तां हमारा

हम सब मिल ये बोलें
हिंदी हमारी राजभाषा

हिंदी है राजभाषा
हिंदी को धर्म कर लो

हिंदी के साथ जी लो
हिंदी के साथ मर लो


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