लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Friday, 17 April 2020

कोरोना


कोरोना

पड़ रही कोरोना की मार
चहुँ ओर मची है हाहाकार
मानवीय भूल का ये परिणाम
चहुँ ओर हो रही चीख पुकार
सामाजिकता पर भारी कोरोना
चाहकर भी  एक दूसरे से मिलो न  
 सोशल डिसटेनसिंग का ख्याल रखो न
क्यूं कर हम घरों से निकलें
क्यूं न कुछ पल संग में बीतें
बेवजह न घर से निकलो
अपनी और अपनों की परवाह करो न
देश हित में कुछ तो सोचो
समाज के हित प्रयास करो न
नेताओं से तुम्हें क्या लेना
उनसे कुछ उम्मीद करो न
पैसे वालों को फ्लाइट सेवा
मजदूरों से इनको क्या लेना
अपने दम पर लड़ना होगा
कोरोना को मिटाना होगा
संभल  - संभल कर रहना होगा
सोशल ग्रुप पर मिलना होगा
फेक न्यूज़ बिल्कुल न सुनना
डॉक्टरी राय को हर क्षण गुनना
घर से बाहर बिलकुल न आना
आना जो पड़े तो मास्क लगाना
स्वयं सुरक्षा करना होगा
कोरोना को मिटाना होगा
प्रकृति से खिलवाड़ करो न
उसको तुम नाराज़ करो न
 जब  - जब तुम दंभ दिखाओगे
कोरोना को सामने पाओगे
स्वस्थ समाज बनाना होगा
घर  - घर अलख जगाना होगा
मानव तुम मानव ही रहना
परमेश्वर को नाराज़ करो न
धरती को स्वर्ग बनाना होगा
आया इतिहास रचाना होगा
कोरोना को मिटाना होगा
कोरोना को मिटाना होगा
कोरोना को मिटाना होगा

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