लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Friday, 6 November 2015

तेरे दर पर आये साईं

तेरे दर पर आये साईं हम भिखारी बनकर

तेरे दर पर आये साई , हम भिखारी बनकर
भर दे तू झोली , सबकी साईं दाता बनकर

बेऔलादों वालों को तू , औलाद देना
खाली आशियों को साईं , खुशियों से भर देना

हम जानते हैं ,तू है कारसाज बड़ा
आये जो दर पर तेरे , खाली न कोई खड़ा

डूबती नैया को साईं , पार लगा देना
दीन -- दुखियों को साईं , खुशियाँ अपार देना

हम तो हैं बालक तेरे , हम पर हो एतबार तुझे
जी रहे हैं तेरे दम से , तुझ पर भरोसा है हमें

किस्मत हमारी साईं , चमके तेरे करम से
सोते जागते साईं नाम , तेरा हो लब पे

ख्वाहिश है साईं , दीदार तेरा हो हमें
तेरे बन्दों की , सेवा से नवाज दे  हमें

गिर जो जाएँ तो , संभालना मेरे साईं
तेरे नाम के सहारे , जिन्दगी कटे मेरे साईं

तेरे दर पर आये साईं , हम भिखारी बनकर
भर दे तू झोली , सबकी साईं दाता बनकर






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