लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Wednesday, 19 March 2014

मैं तेरी शरण में आया हूँ प्रभु

मैं तेरी शरण में आया, हूँ. प्रभु

मैं तेरी शरण में आया हूँ प्रभु
अपनी शरण मैं ले लो मेरे प्रभु पर

सत्कर्म , सच्ची राह चलूँ मैं...
आदर्स मार्ग पर प्रस्थित कर दो प्रभु  

सूर्य सा रौशन कर दी मर 4
भोर  सा उज्जवल बना दो प्रभु

सन्यासी सो पावन कर दो 
जीवन ज्योति जगा दो प्रभु  

मुक्त करो प्रभु इस  माया से
मोक्ष  मार्ग  दिखला दो प्रभु

कीर्ति हो जाए अलंकरंण मेरा
अंतःकरण  को पावन कर दो प्रभु

हंसवाहिनी की कृपा हो मुझ पर
विचारों को मेरे अमृत कर दो प्रभु

मैं तेरी शरण में आया हूँ प्रभु
अपनी शरण मैं ले लो मेरे प्रभु पर

सत्कर्म , सच्ची राह चलूँ मैं...
आदर्स मार्ग पर प्रस्थित कर दो प्रभु  




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