लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Tuesday, 18 March 2014

जय – जय – जय जगदम्बा भवानी


जय – जय – जय जगदम्बा भवानी

जय जय जय जगदम्बा भवानी
जय भवानी जय कल्याणी
कष्ट हरो जगदम्बा भवानी
पुष्ट करो हे जग कल्याणी
जीवां का सार बताओ भवानी
मुक्ति मार्ग बतलाओ भवानी
जय जय जय जगदम्बा भवानी
जय भवानी जय कल्याणी
दैत्य धरा पर विचर रहे हैं
इनसे रक्षा करो भवानी
आतंक धरा पर विचर रहा है
इससे सबको बचाओ भवानी
जय जय जय जगदम्बा भवानी
जय भवानी जय कल्याणी
जयचंदों से धरती पटी पड़ी है
मातृभूमि पर ख़तरे की घड़ी है
इन दुष्टों से बचाओ भवानी
कष्ट हरो हे मातु भवानी
जय जय जय जगदम्बा भवानी
जय भवानी जय कल्याणी
विद्या सृष्टि का सार बने
संस्कृति धर्म का आधार बने
संस्कार पलें घर – घर में
ऐसा कुछ कर दो भवानी
जय जय जय जगदम्बा भवानी
जय भवानी जय कल्याणी
बड़े घरों में पूजे जाएँ
छोटे सब दुलार पायें
किस्मत में सबकी तारे भर दो
सबको तारे ज़मीं पर कर दो भवानी
जय जय जय जगदम्बा भवानी
जय भवानी जय कल्याणी
भक्ति मार्ग पर लाओ भवानी
मानवता जगाओ भवानी
राक्षसों का संहार हो धरा पर
इस जग में अवतार लो भवानी
जय जय जय जगदम्बा भवानी
जय भवानी जय कल्याणी





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