लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Sunday, 19 May 2013

शिक्षक कौन कहलाये


शिक्षक कौन कहलाये
ज्ञान – विज्ञान की जो बात बताए
वही जन शिक्षक कहलाये

उचित – अनुचित का बोध कराये
वही जन शिक्षक कहलाये

सही गलत का फर्क बताए
वही जन शिक्षक कहलाये

भटके राही को राह पर लाये
वही जन शिक्षक कहलाये

जो अनुशासन का पाठ पढाए
वही जन शिक्षक कहलाये

जो देश प्रेम के भाव जगाये
वही जन शिक्षक कहलाये

जो पढ़ने में जो रूचि जगाये
वही जन शिक्षक कहलाये

आदमी को जो इंसान बनाए
वही जन शिक्षक कहलाये

जो ज्ञान की राह पर लेकर आये
वही जन शिक्षक कहलाये

प्रेरणा का जो स्रोत बन जाए
वही जन शिक्षक कहलाये

वही जन शिक्षक कहलाये
वही जन शिक्षक कहलाये

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