लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Wednesday, 9 December 2020

काम करो भाई काम करो

 

काम करो भाई काम करो  

 

काम करो भाई काम करो

जग में अपना नाम करो   

कामचोर जो हो जायेगा

अँधेरे में खो जाएगा

 

विकसित एक आसमान करो

काम करो भाई काम करो

कायर जो तुम हो जाओगे

भीड़ में कहीं गुम हो जाओगे

 

हिम शिखर से अटल रहो तुम

अविचल अविराम बढ़ो तुम

खामोश जो तुम हो जाओगे

खुद को दिलासा क्या दे पाओगे

 

अंतर्मन में आस जगाओ

सारी दिल की पीर मिटाओ
संस्कारों पर ध्यान धरो

जग में अपना नाम करो

 

सागर सा कर चौड़ा  सीना

लहरों को अपने नाम करो

साहस से खुद को सींचो तुम

विकसित एक आसमान करो

 

काम करो भाई काम करो

जग में अपना नाम करो   

काम करो भाई काम करो

जग में अपना नाम करो   

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