लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Friday, 13 January 2023

नेता


नेता

अपने लिए जिए , जिए तो क्या जिए नेता
जीना है तो जी तू , जनता के लिए

सच के साए में , जीना तू सीख ले
खोल खजाने ,जनता के लिए

क्यूं कर तू चंदा मांगे , पार्टी के लिए
जीना है तो जी तू देश के लिए

क्यूं कर रोज गिरता तू , खुदा की निगाह में
खुद को कर बुलंद , खुदा की निगाह में

क्यूं कर हैं सारी कोशिशें , अमीरों के लिए
कुछ कोशिश कर , तू जनता के लिए

शक्ति के मद में तू, अनुचित न कर
अपराधियों को तू , अपनी शरण में क्यूं रखे

समानता का अधिकार तू , जनता को भी दे
अपने अहंकार में खुद को तू, खुदा न समझ

नेता हो तो , देश सेवा को सर्वोपरि समझो
सत्ता के लोभ में तू, यूं न न फंस

लोगों के दुःख को , अपना दुःख समझ
यूं तू गरीबों की मजबूरी का ,मज़ाक न बना

जीना है तो जी, तू देश के लिए
क्यूं कर तू जाने  - अनजाने अपराध करे

अपने लिए जिए , जिए तो क्या जिए नेता
जीना है तो जी तू , जनता के लिए

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