लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Friday, 14 June 2019

आसमां तुम्हारा है


आसमां तुम्हारा है

आसमां तुम्हारा है उड़ान भरकर देखो
मंजिल तुम्हारी है प्रयास कर देखो

खुशनुमा वादियाँ तुम्हारी हैं , उड़ान भरकर देखो
विजय पताका लहराएगी तेरी, कोशिश कर देखो

पुण्य हो जायेंगे चरण तेरे, सत्कर्म कर देखो
पावनता को छू लोगे तुम, सत प्रयास कर देखो

अभिनन्दन तेरा भी होगा , सत चिंतन कर देखो
जयमाल तुझको भी मिलेगी , पुण्य कर्म कर देखो

दुर्गुणों का नाश होगा , सत्मार्ग पर चलकर देखो
विजय तुझको ही मिलेगी , सत्कर्म कर देखो

संवेदनाओं को बल मिलेगा , सेवा को धर्म कर देखो
गगन पर होंगी निगाहें तेरी, कोशिश कर देखो

आस्तिक हो जायेंगे विचार तेरे, उस खुदा से मुहब्बत कर देखो
ईश्वर भी तेरा मुरीद होगा, कोशिश कर देखो

हर पात में उस खुदा का दीदार होगा , उस खुदा पर एतबार कर देखो
तेरे हर एक प्रयास में उस खुदा की रज़ा होगी कोशिश कर देखो



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