लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Saturday, 22 June 2019

मैं खुद को संवार लूंगा


मैं खुद को संवार लूंगा


मैं खुद को संवार लूंगा , ये यकीं है मुझे
मैं तुम्हारी राह के कांटे चुरा लूंगा , ये यकीं है मुझे

मैं तेरे सपने संवार दूंगा , ये यकीं है मुझे
मैं खुद को भी संभाल लूंगा , ये यकीं है मुझे

आसमां को अपनी मंज़िल कर लूंगा , ये यकीं है मुझे
मैं अपनी आवाज़ बुलंद कर लूँगा , ये यकीं है मुझे

अपनी कलम को खुदा की इबादत कर दूंगा , ये यकीं है मुझे
मेरे गीत, मेरी ग़ज़ल लोगों की जुबां पर होंगे , ये यकीं है मुझे

अपना खुद का आसमां संवार लूंगा , ये यकीं है मुझे
मेरी हर एक आरज़ू उस खुदा की नेमत हो जाए , ये यकीं है मुझे

मैं मना ही लूंगा उस खुदा को एक दिन , ये यकीं है मुझे
हर एक मुसीबत में खुद को संभाल लूंगा , ये यकीं है मुझे

मैं गीतों का एक कारवाँ सजा लूंगा , ये यकीं है मुझे
मेरी हर एक उम्मीद को होगा आसमां नसीब , ये यकीं है मुझे

मेरे भी दामन में खुशियाँ बिखर आयेंगी , ये यकीं है मुझे
मैं इंसानियत का एक समंदर रोशन कर दूंगा , ये यकीं है मुझे

मैं अपनी भीगी नम आँखों में मुस्कान भर दूंगा , ये यकीं है मुझे
मैं अपने सोये मुकद्दर को जगा लूंगा , ये यकीं है मुझे

मैं स्वयं को मुजरिम होने से बचा लूंगा , ये यकीं है मुझे
मैं अपनी तमन्नाओं , आरजुओं का एक आसमां रोशन कर लूंगा , ये यकीं है मुझे


No comments:

Post a Comment