लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Wednesday, 12 June 2019

मेरे हर एक दर्द में


मेरे हर एक दर्द में

मेरे हर एक दर्द में , मेरा सहारा है वो
बीच मझधार में , किनारा है वो

खुशियों के पल , भूल जाते हैं जिसे लोग
मेरा खुदा , मेरा प्यारा है वो

जिसके रहमो  - करम पर , पल रही दुनिया
मेरे हर एक गम में , मेरा सहारा है वो

दिल से याद करो , तो करीब नज़र आता है वो
नम करता है आँखें , तो मुस्कुराहट भी लाता है वो

भटकता है जब मानव , राह दिखाता है वो
कभी गम , कभी खुशियों का समंदर लाता है वो

उसके दर पर , जब भी कोई जाता है
अपनी बाहों को , उसका सहारा बनाता है वो

मैं जब भी उसे , दिल की गहराइयों से याद करता हूँ
मेरी हर एक कोशिश में , नज़र आता है वो

मेरे हर एक गम हर एक दर्द में , मेरा सहारा है वो
कभी लहरों पर पतवार, तो कभी किनारा है वो


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