लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Saturday, 18 November 2017

स्वच्छता ही सेवा है


स्वच्छता ही सेवा है

स्वच्छता ही सेवा है
आओ इसे अपनाएँ

गली और मुहल्लौं को
आओ रौशन बनाएं

गांधीजी के इस  सपने को
आओ अमली जामा पहनाएं

स्वच्छता ही सैव हैं
आओ इसे अपनाएँ

स्वच्छता की पावनता
हमारे स्वच्छ कर्मों में 

स्वच्छता की गूँज से
मनी - गमी महकाएं

स्वच्छता ही सेवा है 
आओ इसे अपनाएँ

आओ स्वच्छ भारत का
सपना साकार करें

प्रकृति की पावनता
आओ बरकरार रखें

स्वच्छता ही सेवा  है
आओ इसे अपनाएँ

स्वच्छता एक विचार है.
तन की पावनता का

स्वच्छता एक नारा नहीं
स्वच्छता पावनता है

स्वच्छता ही सैवा है
आओ इसे अपनाएँ






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