लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Sunday, 14 April 2013

कुछ चंद एहसास

 कुछ चंद एहसास 

काट कर रख दिए हैं पर उसने मेरे
चाह कर भी उड़ नहीं सकता यारो
गर रजा है उसकी मेरे न उड़ने में
तो पर पाकर भी क्या करूंगा यारों |
खिलते हैं फूल घर में उसी के
जिन्हें फूलों से प्यार है
फूलों बगैर जिन्दगी
होती वीरान है |
इस दुनिया के खेल भी अजब निराले हैं
कहीं खुशियों की परवाह नहीं
कहीं खुशियों के लाले हैं
कहीं फिकता है खाना सड़कों पर
और कहीं एक- एक टुकड़े रोटी के लाले हैं |
बिन पंखों के जी रहा हूँ मैं
कटे पंखों के सहारे जी रहा हूँ मैं
फिर भी दूर आसमान में
बसेरा बनाने की है चाहत मेरी |
पन्नों पर शब्दों को तराशने का
दौर अब भी है जारी
ये वो शै है
जिसकी कोई स्याह रात नहीं

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