लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Friday, 20 January 2012

सत्य मार्ग तेरी डगर हो

सत्य मार्ग तेरी डगर हो

सत्य मार्ग तेरी डगर हो
सत्य पथ तेरा बसर हो
बंधन मुक्त जीवन तेरा हो
मोक्ष तेरा हमसफ़र हो
माया तेरा पीछा न पकड़े
दुर्गुण कभी तुझको न जकड़े
ज्ञान पथ तेरा हो साथी
आदर्श हो जाए तेरा निवासी
सत्मार्ग के तुम बनो प्रवासी
कर्मभूमि तेरा बसर हो
मंजिल पर हमेशा तेरी नज़र हो
खिलते रहो जहां में फूल बनकर
खुदा की तुम पर मेहर हो
अनुपम धरा पर तेरी छवि हो
अनुचर धरा पर तेरे बहुत हों
अभिमानी न होना कभी तुम
अंधविश्वास हो न राह तुम्हारी
अंजुली भर श्रद्धा जगा जो लोगे तुम
इस जग को स्वर्ग बना लोगे तुम
अंकित करो कुछ तो इस धरा पर
नाम तुम्हारा अमर हो जाएगा
सत्य मार्ग तेरी डगर हो
सत्य पथ तेरा बसर हो

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