लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Friday, 8 January 2021

तुम यहीं कहीं मेरे आसपास हो

                                                     तुम यहीं कहीं मेरे आसपास हो

 

तुम यहीं कहीं

मेरे आसपास हो

चिर  - परिचित सुगंध

का एहसास

 

लगा अभी  - अभी

तुम मुझे छूकर

महसूस कर रहे हो

 

मैं यहीं हूँ

तुम्हारे आसपास

मुझे फिर से एक बार छुओ न

आलिंगन करो न

 

वो तुम्हारी

प्यार भरी झप्पी

वो बार  - बार

मुझे छूना

 

पीछे से आकर

बाहों में भर लेना

और धीरे से

कान में कहना

“आई लव यू डार्लिंग”

 

तुम्हें तो याद ही होगा

हमारा हनीमून

पैसों की तंगी के कारण

हमने घर पर ही

हनीमून सेलिब्रेट किया था

 

 

ख़ुशी और गम के

सारे पल हमने

हंसकर बिताये

वो यादें वो हंसी पल

 

मेरी यादों का

हमसफ़र हो गए

उन्हीं यादों का सहारा लिए

तुम्हें अपने आसपास

महसूस कर रही हूँ

 

मैं अकेली, तनहा नहीं हूँ

तुम हो न

तुम्हारी यादें

तुम्हारा एहसास

सब कुछ तो है ...........

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