लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Friday, 3 May 2019

चंद एहसास



1

खुद को कहते थे वो खुदा का नूर 
ये उनका अहं था या उनका गुरूर 

खुदा का बन्दा कहलाने का था उनको अजब शुरूर 
दो चार गम क्या मिले , सारा नशा उनका हो गया काफ़ूर 





हाले दिल अपना उनको सुनाएँ तो न सुनाएँ क्यूं 
अपनी तन्हाइयों से उनको मिलाये तो न मिलाएं क्यूं 
वीरानियों का अजब मंज़र उन्हें दिखाएँ तो न दिखाएँ क्यूं 
उन्हें उनकी खूबसूरती का एहसास कराएं तो न कराएं क्यूं



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