लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Thursday, 5 May 2016

चंचल मन को पावन कर दो


चंचल मन को पावन कर दो

चंचल मन को पावन कर दो ,मुझको भक्ति का वर दो
जीवन को आनंदित कर दो, सद्विचारों से पुष्पित कर दो

हे  परमेश्वर हे परमेश्वर

हे मेरे प्रभु, तुम हो अति पावन ,हे मेरे प्रभु , तुम हो अति आवन
माया--मोह से हमें बचाओ , अभिमानी न हमें बनाओ.

हे परमेश्वर हे परमेश्वर

संस्कार मन भावन कर दो , सत्कर्म से पुष्थित कर दो
कोमल से कोमलतम कर दो , प्रिय से प्रभु प्रियतम कर दो

हे परमेश्वर हे परमेश्वर

जीवन ज्योति  रोशन कर दो , मन मंदिर अति पावन कर दो.
पवित्र से प्रभु पवित्रतम कर दो . श्रेष्ठ से प्रभु श्रेष्ठतम  कर दो

हे परमेश्वर हे परमेश्वर

चरण कमल का देकर सहारा , जीवन मेरा स्वर्ग बना दो.
मर्यादित जीवन हो मेरा, भाग्य मेरा प्रभु रौशन कर दो

हे परमेश्वर हे परमेश्वर

मन तेरे दर्शन का प्यासा , पर उपकार मेरा धर्म कर दो
सज्जनता को धारण कर लूं . मानवता हित मैं जीवन वर दूं

हे परमेश्वर हे परमेश्वर




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