लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Thursday, 17 January 2013

निज जीवन अपनापन पालूँ


निज जीवन अपनापन पालूँ


निज जीवन अपनापन पालूँ
प्रभु महिमा हर क्षण मै गा लूं
विनम्रता बने गहना मेरी
आस्तिकता अलंकार बना लूं

निज जीवन अपनापन पालूँ
प्रभु महिमा हर क्षण मै गा लूं

सर्वस्व लुटा दूं तुझ पर मै
जीवन में भक्ति अपना लूं
निर्मल भाव करूं सिमरन मेरा
निष्कलंक हो जीवन मेरा

निज जीवन अपनापन पालूँ
प्रभु महिमा हर क्षण मै गा लूं

विजय प्राप्त हो मुझे स्वयं पर
योग को जीवन में अपना लूं
संयम बन जाए उपमा मेरी
संकल्प मार्ग पर बढ़ता जाऊं

निज जीवन अपनापन पालूँ
प्रभु महिमा हर क्षण मै गा लूं

निर्दोष नेत्र अवलोकन चाहूँ
आलिंगन प्रभु मै तेरा पाऊँ                        
उत्तम अवसर सुकर्म मिले प्रभु
निष्काम भाव से बलि – बलि जाऊं

निज जीवन अपनापन पालूँ
प्रभु महिमा हर क्षण मै गा लूं



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