लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Monday, 29 June 2015

वो जो मुस्कुरा दें, तो रोशन बहार हो जाए

१. 

वो जो मुस्कुरा दें ,तो रोशन बहार हो जाए
दिल में उमंग जगे , दिल को करार आये

कौन है जो उनकी मुस्कराहट पर न मरे
हाँ कि खुद को उनकी मुस्कराहट पर निसार आये 

२.

गर सभी को चाँद नसीब हो जाए
तारों की  ओर  से फिर जायेगी नज़र सबकी

गर सभी की किस्मत में आसमां हो जाए
धरती की ओर  फिर नज़र होगी किसकी

3.


किनारों पर बैठकर अथाह समंदर का नज़ारा नहीं करते 
'\करते  हैं सैर समंदर की , यूं लहरों से किनारा नहीं करते 

 मौज़ों से खेलना है जिनकी जिन्दगी का सबब 
वो किनारों पर बैठकर , यूं जिन्दगी गुजारा  नहीं करते








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