लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Tuesday, 24 June 2014

तुम जो मेरी तमन्नाओं का सिला हो जाओ

तुम जो मेरी तमन्नाओं का सिला हो जाओ

तुम जो मेरी तमन्नाओं का सिला हो जाओ
खुदा कसम मैं तुम पर निसार हो जाऊं

तुम जो मुझको अजीज़ समझो सनम
मैं तेरी राह के कांटे चुन लाऊँ

ज़लवा तेरे हुस्न का बरकरार रहे
मैं तेरी स्याह रातों का चराग हो जाऊं

तेरे एक दीदार की तमन्ना है मुझको
मैं तेरे इश्क़ में डूब जाऊं

तेरी एक मुस्कान की चाह है मुझको
मैं तेरी एक मुस्कराहट पर फ़िदा हो जाऊं

जुस्तजू है मुझे तेरी बाँहों का सहारा मिल जाए
मैं तेरी बाहों में जन्नत पाऊँ

तुझे यूं  ही किसी ने नहीं कहा हुस्न की देवी
काश मैं भी तेरे हुस्न के दो घूँट पी पाऊँ



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