लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Friday, 16 August 2019

देवों के चरणों में


देवों के चरणों में

देवों के चरणों में मस्तक रख दूं
कल्याण मेरा हो जाएगा
जो मिला नहीं मिल जाएगा
जो खोया है पा जाऊंगा


ख़्वाबों के दरवाजे खुल जायेंगे
जीवन सफल हो जाएगा
खिल जाएगा भाग्य मेरा
जग में नाम मेरा हो जाएगा

सत्कर्म राह बढ़ चलूँगा मैं
हर कर्म पावन हो जाएगा
तेरे चरणों का करके आचमन
मैं मोक्ष राह बढ़ जाऊंगा

भक्ति के दीपक की लौ से
जीवन को दिशा दे पाऊंगा
मेरी पीर हरेंगे मेरे भगवन
कष्ट मुक्त जीवन हो जाएगा

पावनता को गहना कर लूंगा
मेरा हर कर्म पवित्र हो जाएगा
देवों के चरणों में मस्तक रख दूं
कल्याण मेरा हो जाएगा


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