लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Wednesday, 29 January 2020

पैसे का खेल दुनिया


पैसे का खेल दुनिया

पैसे का खेल दुनिया, पैसे का खेल है
पैसा जो पास न हो , काहे का मेल है

पैसे को कहते लोग , हाथ का मेल हैं
पैसा जो पास न हो , काहे का मेल है

पैसों से रिश्ते हैं , पैसों से नाते हैं
पैसा जो पास न हो, रिश्ते टूट जाते हैं

पैसा जो पास हो, खोटे सिक्के भी चल जाते हैं
पैसा जो पास हो, नए रिश्ते बन जाते हैं

पैसे पर गिरते लोग, पैसे पर मरते हैं
पैसों की खातिर लोग, रिश्तों का खून करते हैं

पैसे की माया भी , अजब ही माया है
जिसने भी घमंड किया , उसे इसने रुलाया है

पैसों की गर्मी जब सिर पर चढ़ जाती है
आदमी की आदमियत उसी वक़्त खो जाती है

पैसों का जूनून कुछ भी करा सकता है
भाई को भाई का दुश्मन बना सकता है

पैसे को देख लोग मधुमक्खी की तरह लपकते हैं
भ्रम जो टूटता है तो औंधे मुंह गिरते हैं

पैसे के मकड़जाल में संसार उलझा हुआ है
अपनी ही अधोगति का कारण बना हुआ है ...........क्रमशः


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