लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Monday, 18 August 2014

हे केशव हे बनवारी

हे केशव हे बनवारी

हे केशव हे बनवारी
हे माधव कृष्ण मुरारी

भक्ति का मार्ग सजा तुमसे
प्रेम का मार्ग मिला तुमसे

हे केशव हे बनवारी
हे माधव कृष्ण मुरारी

पावन तुमसे ही विचार हुए
कर्म सभी संस्कार हुए

धर्म की राह मिली तुमसे
युद्ध सभी धर्मयुद्ध हुए

हे केशव हे बनवारी
हे माधव कृष्ण मुरारी
तुम सुन्दर हो अति पावन हो
जीवन के राज मिले तुमसे

प्रेम की परिभाषा तुमसे
मीरा राधा के श्याम हुए

हे केशव हे बनवारी
हे माधव कृष्ण मुरारी

स्वयं पर संयम मिला तुमसे
मोक्ष का मार्ग मिला तुमसे

मित्रता का महत्त्व सिखलाया तुमने
अर्जुन – सुदामा के मित्र हुए

हे केशव हे बनवारी
हे माधव कृष्ण मुरारी

जीवन का अर्थ समझाया तुमने
उपासना का महत्त्व बताया तुमने

आध्यात्म के गुरु हुए तुम
पावन संस्कार सिखाया तुमने

हे केशव हे बनवारी
हे माधव कृष्ण मुरारी



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